Wednesday, 9 June 2021

SSC CGL: लीजिए एसएससी सीजीएल की संपूण जानकारी, जो है छात्रों के लिए बेहद जरूरी

 

 SSC CGL


सरकारी नौकरी की चाह तो हर कोई रखता होगा। इस परीक्षा के लिए युवाओं को बेसब्री से इंतेजार रहता है। देश में कई सरकारी बोर्ड हैं जो सरकारी नौकरी के लिए आवेदन निकालते रहते हैं। उनमें से एक है संयुक्त स्नातक स्तर (सीजीएल)। एसएससी (कर्मचारी चयन आयोग) का मुख्यालय नई दिल्ली में है। एसएससी में स्नातक स्तर की परीक्षा को सीजीएल कहते हैं। एसएससी सीजीएल (SSC CGL) देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा की तुलना सिविल सर्विसेज से भी की जाती है। हर वर्ष इसमें करीब 20 लाख युवा परीक्षा देते हैं। यह परीक्षा प्रत्येक वर्ष आयोजित होती है। इस परीक्षा की स्थापना नवंबर 1975 में हुई थी। इस परीक्षा को देने के लिए आपका कम से कम ग्रेजुएट (स्नातक) और भारतीय नागरिक होना ज़रूरी है। किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से आपका स्नातक होना ज़रूरी है। SSC CGL - 


 

यह परीक्षा पहले ऑफलाइन हुआ करती थी, कुछ वर्षों से यह ऑनलाइन माध्यम से ली जाती है। ऑनलाइन फॉर्म भर कर आप ऑफलाइन मोड से भी जमा करा सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन होता है हालांकि कुछ समय पहले तक ऑफलाइन फॉर्म भर कर भेजने की सुविधा भी होती थी। इस परीक्षा में उत्तीण होने पर नौकरियां भारत सरकार और अधीनस्थ कार्यालयों में मंत्रालय, विभाग के लिए ग्रुप बी एवं सी कर्मचारियों के लिए नियुक्ति होती हैं। इसमें काफी तरीके की वैकेंसी हैं जैसे इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, नारकोटिक्स विभाग में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी में सब इंस्पेक्टर, ऑडिट ऑफिसर आदि। सीजीएल में न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम आयु 32 निर्धारित की गई है, हालांकि यह बोर्ड द्वारा बढ़ाई भी जा सकती है। SSC CGL के बारे में आप यहां विस्तार से जानेंगे -


 

इस ब्लॉग में

1.       आवेदन शुल्क

2.       ऊपरी आयु सीमा में छूट

3.       सीजीएल परीक्षा पैटर्न व विषय

4.       पदों के नाम

5.       पे स्केल (वेतन एवं भत्ता)

 


आवेदन शुल्क  SSC CGL

  1. ·         अनारक्षित/ओबीसी – 100 रुपए
  2. ·         एससी/एसटी/पीएच - कोई शुल्क नहीं
  3. ·         महिलाएं (सभी श्रेणी) – छूट प्राप्त

 

ऊपरी आयु सीमा में छूट और आयु में छूट का दावा करने के लिए श्रेणी कॉड इस प्रकार हैं – SSC CGL

·         ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) – 3 वर्ष

·         एससी/एसटी (अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति) – 5 वर्ष

·         फिजिकली हैंडीकैप्ड (शारीरिक रूप से विकलांग) – 10 वर्ष

·         फिजिकली हैंडीकैप्ड+ ओबीसी – 13 वर्ष

·         फिजिकली हैंडीकैप्ड+ एससी/एसटी – 15 वर्ष



 

सीजीएल का परीक्षा पैटर्न व विषय  SSC CGL

  • एसएससी सीजीएल की परीक्षा चार अलग-अलग चरणों में होती है। आइए जानते हैं विस्तार से इस परीक्षा के चरणों के बारे में -



टियर-1 (कंप्यूटर आधारित परीक्षा)

SSC CGL के टियर 1 में 4 विषय होते हैं। इसमें – जनरल अवेयरनेस (सामान्य ज्ञान), मैथमेटिक्स (गणित), जनरल रीजनिंग (सामान्य बुद्धिमता), इंग्लिश (अंग्रेजी)

  1. ·         प्रत्येक विषय से 25 सवाल पूछे जाते हैं, कुल मिलाकर 100 सवाल
  2. ·         परीक्षा अवधि 60 मिनट की होती है
  3. ·         सही उत्तर देने पर 2 अंक मिलते हैं और गलत उत्तर पर 0.5 अंक घटाए जाते हैं



टियर-2 कंप्यूटर आधारित परीक्षा

SSC CGL के टियर 2 में केवल गणित और अंग्रेजी विषय से सवाल पूछे जाते हैं।

  1. ·         इसमें 2 घंटे की अवधि होती है
  2. ·         गणित से 100 और अंग्रेजी से 200 सवाल पूछे जाते हैं
  3. ·         गणित में हर सही उत्तर पर 2 अंक मिलते हैं और गलत उत्तर पर 0.5 अंक घटाए जाते हैं
  4. ·         अंग्रेजी में हर सही उत्तर पर 1 अंक मिलते हैं और गलत पर 0.2 अंक घटाए जाते हैं



टियर-3 पेन और पेपर मोड

SSC CGL टियर 3 में लिखित परीक्षा होती है जो ऑफलाइन माध्यम से ली जाती है

  1. ·         इसमें निबंध लेखन, औपचारिक और अनौपचारिक पत्र लेखन शामिल है
  2. ·         इस टियर की अवधि 60 मिनट की होती है और यह परीक्षा 100 अंक की होती है
  3. ·         दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा अवधि 80 मिनट की होती है



टियर-4 कंप्यूटर प्रोफिसिएंसी टेस्ट (कुछ पदों के लिए)

SSC CGL टियर 4 में परीक्षा केवल कुछ पदों के लिए ही होती है और यह कंप्यूटर प्रोफिसिएंसी टेस्ट होता है

  1. ·         इसमें टीए (टैक्स असिस्टेंट) , सीएएसएस, एमईए (विदेश मंत्रालय) और इंस्पेक्टर पद शामिल हैं


 

SSC CGL में पदों के नाम

सीजीएल की परीक्षा दिए गए पदों के लिए होती है इसमें आप एक से ज्यादा पदों को आवेदन करते समय चयन कर सकते हैं पदों के नाम इस प्रकार हैं -

सीजीएल में इंस्पेक्टर सेंट्रल एक्साइज, असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर, असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर, इंस्पेक्टर प्रिवेंटिव ऑफिसर, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, असिस्टेंट, इंस्पेक्टर एग्जामिनर, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर (सीबीआई), असिस्टेंट इनफोर्समेंट ऑफिसर, जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर, इंस्पेक्टर (डाक विभाग और सेंट्रेल ब्यूरो ऑफिस ऑफ नार्कोटिक्स), ऑडिटर, सीनियर सेक्रेटेरिएड असिस्टेंट, असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट, डिविजनरल अकाउंटेंट, अपर डिविजनल क्लर्क (यूडीसी), टैक्स असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकलती हैं


 

SSC CGL में पे स्केल (वेतन एवं भत्ता)

अलग-अलग पद के लिए अलग वेतन व भत्ता निर्धारित है भत्ते के तौर पर आपको यह भत्ते मिलेंगे –

  1. ·         मकान किराया भत्ता (एचआरए)
  2. ·         महंगाई भत्ता (डीए)
  3. ·         परिवहन भत्ता (टीए)

 

न्यूनतम वेतन सीजीएल में 18,000 रुपए और अधिकतम वेतन 2,50,000 (भत्तों सहित) है।


देवांग मैत्रे

Tuesday, 8 December 2020

जानिए कोरोना वायरस से बचाव और उसके उपाय

 




कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में लगभग एक साल से कोहराम मचाया हुआ है। इससे दुनिया में लगभग 15 लाख लोगों की जान चली गई है। कोरोना चीन के शहर वुहान से पैदा होकर समूचे विश्व को अपनी चपेट में ले लेगा इतना किसी ने नहीं सोचा होगा।



वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना वायरस चीन में उत्पन्न हुआ और वहां से यह पूरी दुनिया में फैला। यह चमगादड़ों और उसके बाद पैंगोलिन स्तनधारी जानवरों के बाद कोरोना इंसानों में फैला। चीन के वुहान की खाद्द मार्किट में कोरोना का पहला मामला सामने आया।

 


कोरोना वायरस के लक्षण आने में 2-14 दिन लगते हैं। आइए जानते हैं कोरोना वायरस से बचने के घरेलू और मेडिकल उपाय-


कोरोना के हल्के लक्षणों के लिए

1.      आराम करें। इससे आप दूसरों से बचे भी रहेंगे और जल्दी स्वस्थ भी होंगे।

2.      घर पर रहें। काम, स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर बिल्कुल न जाएं।

3.      तरल पदार्थ का सेवन करें। आप बीमार होने पर शरीर का अधिक तरल खो देते हैं।

4.      निगरानी रखे। आपके लक्षण और ज्यादा बिगड़ने लगते हैं तो तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें।


कुछ जरुरी बातें-

1.       बाहर जाना भी है तो मास्क का उपयोग करें और इसे बिल्कुल भी हाथ से मास्क की अंदरूनी परत को न छूंए।

2.       छींकते समय नाक को पूरी तरह से धकना है।

3.       60 वर्ष या इससे ऊपर हैं तो बाहर जानें से बचें।

4.       बाहर से आने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं।

5.       बाहर अपने मूंह और नांक को न छूंए।

6.       सामाजिक दूरी का अधिक से अधिक पालन करें।

7.       घर में कोई कोरोना संक्रमित है तो उससे भी दूरी बनाएं और मास्क का उपयोग करें।



मेडिकल उपाय

RT-PCR (रियलटाइम पॉलीमर्स चेन रिकेश्न)

RT-PCR (रियलटाइम पॉलीमर्स चेन रिकेश्न) यह टेस्ट किसी भी व्यक्ति के शरीर के अंदर वायरस का पता लगाने के लिए किया जाता है। शरीर के विभिन्न हिस्सों इस टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाते हैं। सामान्य तौर पर नैजल स्वैब, थ्रोट स्वैब सैंपल लिए जाते हैं यानी नाक की म्यूकोजा और गले की म्यूकोजा की अंदर वाली परत से स्वैब लिए जाते हैं। इसकी रिपॉर्ट आने में 6-8 घंटे लगते हैं। इससे एक बार में 90 टेस्ट किए जा सकते हैं।


 

Rapid Anti-Body Test (रेपिड एंटीबॉडी टेस्ट)

यह टेस्ट शरीर के अंदर एंटीबॉडी का पता लगाता है। जिन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण है, उस वायरस से लड़ने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम काम करता है। उस वायरस से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी बनने लगते हैं। इस टेस्ट का परिणाम 30 मिनट में आ जाता है। लेकिन इस टेस्ट के कुछ नुकसान भी हैं। कोई व्यक्ति यदि कोरोना से संक्रमित है और पहले सप्ताह में उसका टेस्ट होता है तो उसकी रिपोर्ट निगेटिव होगी।

 


TrueNat (ट्रूनाट)

आमतौर पर इस मशीन से तपेदिक और HIV की जांच होती है। TrueNat टेस्ट में 60 मिनट के भीतर ही जांच का परिणाम आ जाता है। भारतीय फर्म मोलबायो डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। 19 मई 2020 को ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) ने जांच के इसके उपयोग को मंजूरी दी थी। इसमें छोटी किट का उपयोग होता है। इसमें एक साथ 1-4 टेस्ट और एक दिन में 24-48 टेस्ट किए जा सकते हैं।



देवांग मैत्रे

Saturday, 25 July 2020

त्वचा है खजाना इसे ऐसे न बिना वजह गंवाना


मनुष्य के शरीर में त्वचा सबसे नाजुक व संवेदनशील होती है। किसी भी ऋतू में यह सामान्य नहीं रह पाती है। गर्मी और ठंड में त्वचा पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। आज के प्रदुषण भरे दौर में त्वचा भी अछूती नहीं है। वहीँ नशा भी त्वचा के साथ दुश्मन जैसा व्यहवार करता है, नशा न बल्कि आपकी सेहत बिगाड़ता है यह आपकी त्वचा के सौंदर्य को भी बिगाड़ता है। त्वचा की देखभाल अपने को चेहरे को जवान दिखाने के लिए बेहद ज़रूरी है


 

त्वचा के ऊपरी सतह पर तेल और नमी होती है जो त्वचा की अन्दर की सतहों की रक्षा करती है। मौसम की सूखी हवाओं के कारण त्वचा की ऊपरी सतह से नमी सूख जाती है जिससे त्वचा सूखी और खुजलीदार हो जाती है। वहीँ हमारी तेल ग्रंथियां भी ऐसे में कम सक्रिय हो जाती है और तेल का कम स्त्राव करती हैं जिससे सर्दियों में यह समस्या अधिक बढ़ जाती है। सर्दी में शुष्क हवा आपके शरीर से सारी नमी को दूर कर देती है, जिससे आपकी त्वचा बहुत शुष्‍क हो जाती है। वहीं सर्दी की शुरुआत के साथ, हम सभी नहाने या हाथ-मुंह धोने के लिए गर्म पानी का उपयोग शुरू कर देते हैं। जब आपकी त्वचा गर्म पानी के संपर्क में लंबे समय तक रहती है, तो यह आपकी त्वचा सुस्त, शुष्क, और पपड़ीदार बना देता है। सर्दियों में त्वचा की देखभाल अन्य मौसम के मुकाबले ज्यादा ध्यान देने वाली बात होती है


 

इस समस्या से निपटने के लिए बाज़ार में कई तरह के क्रीम और लोशन उपलब्ध हैं। हालाँकि इन सभी उत्पादों से आराम तो मिलता है लेकिन इसका असर कुछ समय तक ही रहता है। आपको शुष्क त्वचा की समस्या को दूर रखने के लिए दिन में कई बार इन्हें लगाना पड़ता है। इसके अलावा सही मॉस्चराइज़र का चुनाव करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता है। ज्यादा क्रीम या लोशन लगाने से आप मुंहासों की चपेट में भी आ जाएंगे. लोशन या क्रीम के झंझटों से बचने के लिए आप इन घरेलु उपचारों को अमल में ला सकते हैं, तो आइये जानते हैं शुष्क त्वचा से बचने के लिए त्वचा की देखभाल करने के लिए यह हैं 5 घरेलु उपाय- 5 Best Skin care tips - 


 

एलोवेरा (घृत कुमारी)

इस हर्ब (जड़ी बूटी) के बिना स्किन केयर को अधूरा माना जाता है। यह शुष्क त्वचा के लिए सबसे कारगर साबित होता है। एलो वेरा में मॉस्चराइजिंग का गुण होता है जो त्वचा की नमी को बनाये रखता है। इसका नमी को खींचने वाला गुण वातावरण से नमी को खींचकर त्वचा की ओर लाता है। एलोवेरा से हम त्वचा की देखभाल आसानी से कर सकते हैं


 

अवोकेडो

त्वचा की देखभाल करने के लिए अवोकेडो को उत्तम माना गया है अवोकेडो क्रीमी होते हैं और इसमें प्राकृतिक रूप से फैटी एसिड (वसा अम्ल) पाए जाते हैं जो त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखते हैं। यह कोलेजन के उत्पादन को भी बढ़ाता है और त्वचा की रंगत को भी निखारता है।


 

 

पपीता

पपीते में एक्स्फोलियेटिंग गुण पाया जाता है, जो त्वचा की देखभाल करता है अत: यह त्वचा से मृत कोशिकाओं को दूर करता है। इसमें विटामिन ए, सी और ई पाया जाता है जो शुष्क त्वचा को नमी देता है। इसमें पापेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो शुष्क त्वचा को नमी प्रदान करता है। पापेन नामक एंजाइम नई कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक है।



 

खीरा

खीरे में 80% पानी होता है। यह त्वचा की देखभाल करने में कारगर है शुष्क त्वचा के लिए इसका उपयोग सबसे अच्छा माना जाता है। यह त्वचा को ठीक करता है, ख़राब त्वचा को सुधारता है और इसकी प्राकृतिक नमी को वापस लाता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को नरम बनाते हैं। आराम पाने के लिए दिन में कई बार खीरे के ठंडे टुकड़ों को अपने चेहरे पर तथा शरीर के सूखे भागों पर रगड़ें।


 

शहद व दही

शहद और दही का उपयोग सदियों से सूखी, पपड़ीदार त्वचा के प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता है। यह मिश्रण त्वचा को राहत देने और चमक बनाये रखने में मदद करता है और त्वचा की देखभाल बखूबी करता है। दही में जलन एवं सूजन रोधी गुण होते हैं, और इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो त्वचा को झुर्रियों और दोषों से मुक्त रखते हैं। इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगायें, और इसे 20 मिनट तक लगा छोड़ दें। उसके बाद इसे गर्म पानी से धोएं और थपथपा कर सुखाएं।


देवांग मैत्रे

Friday, 4 May 2018

एक बेहतरीन पहल : हर वीकेंड किसानों की मदद करना है इन युवाओं की हॉबी









आज देश के युवा आईआईटी या आईआईएम में जाकर अपना करियर बनाना चाहते हैं। आईएएस अफसर बनाना चाहते हैं। साथ ही यह भी कहते हैं कि कुछ बड़ाबन कर देश की सेवा करना चाहते हैं। फ़ौज में तो युवा देश के लिए कुछ कर भी रहे है पर बाकि का पता नहीं। लेकिन सवाल यह है कि क्या फ़ौज में जाकर ही या आईएएस अफसर बन कर ही देश और समाज के लिए कुछ किया जा सकता है?







हमारे देश में 1960 के दशक में हुई हरित क्रांति एक नई लहर लेकर आई थी। लेकिन हाल के वर्षों  में देश में कृषि की ऐसी बुरी स्थिति हुई है कि अब कोई शायद ही कृषि को दिल से आजीविका का साधन बनाना चाहता हो। तो क्या फिर से हमें एक नई हरित क्रांति की ज़रूरत है? क्या जैसी पहल हरीश श्रीनिवासन ने की है वैसी कोशिश हमें पूरे भारत में नहीं करनी चाहिए? पिछले 10 सालों में बेमौसम बरसात ने किसानों की फसल बर्बाद की और उनको आत्महत्या करने पर मजबूर भी किया। ऐसे में इस देश में द वीकेंड एग्रीकल्चरिस्टजैसे और संस्थओं को ज़रूरत है। आईये जानते हैं इनके बेहतरीन काम के बारे में:






मिलिए 29 वर्षीय हरीश श्रीनिवासन से जो ‘’द वीकेंड एग्रीकल्चरिस्ट’’ के संस्थापक हैं और वर्तुसा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई में वरिष्ट सलाहकार भी हैं। वह पिछले 3 साल से गरीब किसानों की मदद कर रहे है,अब तक उनके साथ 5000 स्वयंसेवक जुड़ चुके हैं। जिसमे आईटी प्रोफेशनल, डॉक्टर, टीचर, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र व व्यापारी शामिल हैं, जिनका मकसद है वीकेंड पर गरीब किसानों को मुफ्त मजदूरी देना। हरीश ने बताया- मेरा मकसद साफ़ है मैं उन गरीब किसानों को मुफ्त में मजदूरी देता हूँ जो पैसे देकर मजदूर रख नहीं सकते।






चेन्नई की एक कंपनी कोरलेड इंटरैक्टिव के SEO एसोसिएट जे. सतीश कुमार जो स्वयंसेवको के कोर ग्रुप में शामिल है, कहते है- भले ही हमारा पालन पोषण शहर में हुआ हो पर आज भी हमारी जड़े खेती से जुड़ी है। हमारी पिछली पीढ़ी के ज्यादातर लोग किसान ही थे और हम कही न कही किसानी से जुड़े हुए है। मैं 18 महीने पहले इस इवेंट से जुड़ा था और तबसे इनके साथ ही काम कर रहा हूँ। उन्हें जो भी मदद चाहिए हम उनको देते है जिसमें मिट्टी की तैयारी करना, बीज रोपण, प्रत्यारोपण, निराई व कटाई शामिल है। सब्जियां जैसे बैगन, मिर्च व टमाटर आसानी से उगा सकते है। हम स्वयंसेवको को जैविक सब्ज़ियां उगाना सिखा रहे है।






हरीश के लिए प्रेरणा रहा मूंदराम उल्लगा पोर नाम का उपन्यास, जिसका हिंदी में मतलब तीसरा विश्व युद्ध होता है और जिसके लेखक हैं तमिल कवि और गीतकार वैरामुथु। हरीश ने बताया कि मेरा खेती से कोई नाता नहीं है पर मैंने जब किसानों की दुर्दशा देखी तो सोचा कि हम सिर्फ सरकार पर दोष नहीं मढ़ते रह सकते। यह इस समस्या का हल नहीं है। कितने दुःख की बात है जो किसान हमें खाना देते है वो खुद भूखे रहते हैं। इससे बड़ी शर्म की बात क्या हो सकती है की किसानों को सिर्फ आत्महत्या ही आखरी विकल्प दिखता है। हमने कुछ बड़े और पढ़े लिखे किसानों से सीखा, हम फिर हफ्ते दर हफ्ते गाँव जाते रहे जिससे उनको लगा हम वाकई में उनकी मदद करना चाहते है। इस ग्रुप में 20-30 की उम्र के स्वयंसेवक है और कुछ बड़ी उम्र के भी हैं जो अपने परिवार के साथ आते हैं। इनको अपने खर्चे पर ही स्कूल या खेतों में ही सोना पड़ता है।






चेन्नई में थिरूवल्लूर जिले के अलाथुर के छोटे से गाँव में 45 वर्षीय टीआर सारथी पहले खेती करते थे पर 6 साल से ईट बनाने के काम में लग गये थे क्योंकि इसमें ज्यादा मुनाफा है। वह कहते हैं ''मैंने मजबूरी में खेतीबाड़ी छोड़ी थी पर आज मुझे खुशी है कि मैं अपने भाईयों की मदद कर पा रहा हूँ''।






25 वर्षीय प्राची घटवाल गोवा की रहने वाली है जो क्रिएटिव कैप्सूल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में मोबाइल ऐप डेवलपर है, वो वीकेंड एग्रीकल्चरइस्ट की सदस्य रह चुकी हैं, उन्होंने बताया- हम लोग अब एक नया मोबाइल ऐप बना रहें है जो आसानी से स्वयंसेवको का पंजीकरण करने में सक्षम होगा। यह ग्रुप सिर्फ फ्री सेवा ही नहीं देता बल्कि इसमें सलाहकारों को भी रखा गया है जिससे वे किसानों को खेती के बारे में पढ़ा सके जिससे खेती अच्छी हो सके। हरीश ने बताया- पिछले 30-40 साल में किसानों को केमिकल उर्वरक व कीटनाशक के भरोसे ही खेती करनी पड़ती थी और उन्हें पता भी नहीं होता था कि यह बाद में कितना खतरनाक हो सकता है। गरीब किसानों को बिचौलिए पर निर्भर रहना पड़ता था जो किसानों से 5-6 रुपये में लेकर उसी को शहर में 40-50 रुपये में बेचते थे। हम अब इस पर काम कर रहे रहें है जिससे कि किसान और उपभोगता के बीच डायरेक्ट लिंक बन सके। आज हमें हमारे काम के लिए सराहना मिलती है जो कि अपने आप में एक बड़ी बात है। इससे ज्यादा से ज्यादा युवा हमसे जुड़ रहे है।


 
साभार- रेडिफ.कॉम
प्रस्तुति- देवांग मैत्रे

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